
हम अपने हीटरों के आवरणों में सोना क्यों इस्तेमाल करते हैं?
जब हम सिलिकॉन वेफरों को गर्म करते हैं, तो हर एक ऊर्जा-इकाई महत्वपूर्ण होती है। यदि वह ऊर्जा हीटर की दीवारों में ही चली जाए, तो वह ऊर्जा वेफर तक नहीं पहुँच पाती। ऐसी स्थिति में हम अपनी ऊर्जा एवं समय को बर्बाद कर रहे होते हैं।
इसीलिए हम अपने स्टेनलेस स्टील आवरणों के अंदर सोने से बने परावर्तक घटकों का उपयोग करते हैं। हमारा उद्देश्य यह है कि इन्फ्रारेड विकिरण की हर एक ऊर्जा-इकाई वेफर पर ही पड़े।
सोने का लाभ
पॉलिश्ड स्टेनलेस स्टील भी ठीक ही काम करता है। लेकिन लंबी तरंगदैर्घ्य वाले इन्फ्रारेड विकिरणों के मामले में यह कमजोर पड़ जाता है। लेकिन सोना अलग है – यह 98% तक ऊर्जा को परावर्तित कर देता है।
आवरण के अंदर सोने की परत लगाने से वह आवरण एक दर्पण की तरह काम करने लगता है। ऐसे में ऊर्जा दीवारों में नहीं, बल्कि सोने पर ही पड़ती है, और वापस वेफर की ओर ही जाती है।
टिकाऊ डिज़ाइन
हम उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील का ही उपयोग करते हैं। क्यों? क्योंकि ऐसे आवरणों को अत्यधिक तापीय परिस्थितियों में भी उपयोग में लाया जाता है, और हम नहीं चाहते कि आवरण में कोई विकृति आ जाए।
सोने की परत लगाने हेतु हम वैक्यूम डिपोजिशन विधि का उपयोग करते हैं। यह एक सटीक प्रक्रिया है, जिससे परत स्थिर रहती है। जब सिस्टम का तापमान बढ़ता है, तो भी वह परत टूटती या उखड़ती नहीं है।
चुनौतियाँ
सोना एक बेहतरीन परावर्तक है… लेकिन यह कमजोर भी है।
यदि प्रक्रिया में क्षारीय गैसें या कठोर कण शामिल हैं, तो समय के साथ उस परत पर छेद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में दक्षता प्रभावित हो जाती है।
इसलिए आवरणों की सफाई बहुत ही महत्वपूर्ण है… उन सतहों को हमेशा चमकदार रखना आवश्यक है। वरना हमें ऊर्जा की कमी की भरपाई हेतु अधिक ऊर्जा का उपयोग करना पड़ेगा।